Sunday, July 14, 2013

प्यार करता हूँ बहुत पर छोड़ना है तुझे 
मुश्किल है मेरी पर छोड़ना है तुझे 
नहीं जनता हूँ कि कैसे होगा ये 
बस जानता हूँ कि अब छोड़ना है तुझे 
तू है मेरा अरमान तो क्या करूँ 
अपने अरमान को अपने हाथों से तोड़ना है मुझे 
जानता हूँ कि तेरी मर्जी है यही 
तो तेरी मर्जी से खुद को जोड़ना है मुझे 
मेरा मकसद तो शायद नहीं मालूम मुझे 
पर तेरे मकसद से तुझे जोड़ना है मुझे 
जा रहा हूँ तेरी दुनिया से में 
तुझको तेरी दुनिया में छोड़ना है मुझे